Hindi Books on "Jain Religion" at Pustak.org
लोगों की राय

जैन साहित्य

वर्णं, जाति और धर्म

फूलचन्द्र शास्त्री

मूल्य: Rs. 100

वर्ण, जाति और धर्म भारतीय समाज और संस्कृति में ऐसे एकरस हो गए हैं कि उनसे अलग होकर हम कुछ सोच ही नहीं पाते....   आगे...

ज्ञानपीठ पूजांजलि

आदिनाथ नेमिनाथ उपाध्ये, फूलचन्द्र शास्त्री

मूल्य: Rs. 70

ज्ञानपीठ-पुजाञ्जलि' जैन श्रावक-श्राविकाओं के दैनन्दिन धार्मिक कार्यों के लिए आवश्यक पूजा-पाठ स्तुति-स्तोत्र, स्वाध्याय-पाठ, आरती-जाप आदि का एक महत्त्वपूर्ण और उपयोगी संग्रह है.   आगे...

पउमचरिउ (पद्मचरित) (अपभ्रंश, हिन्दी) भाग 5

महाकवि स्वयम्भू

मूल्य: Rs. 50

राम का एक नाम पद्म भी था. जैन कृतिकारों को यही नाम सर्वाधिक प्रिय लगा. इसलिए इसी नाम को आधार बनाकर प्राकृत, संस्कृत एवं अपभ्रंश में काव्यग्रन्थों की रचना की गई.   आगे...

पउमचरिउ (पद्मचरित) (अपभ्रंश, हिन्दी) भाग 4

महाकवि स्वयम्भू

मूल्य: Rs. 50

राम का एक नाम पद्म भी था. जैन कृतिकारों को यही नाम सर्वाधिक प्रिय लगा. इसलिए इसी नाम को आधार बनाकर प्राकृत, संस्कृत एवं अपभ्रंश में काव्यग्रन्थों की रचना की गई.   आगे...

पउमचरिउ (पद्मचरित) (अपभ्रंश, हिन्दी) भाग 3

महाकवि स्वयम्भू

मूल्य: Rs. 22

राम का एक नाम पद्म भी था. जैन कृतिकारों को यही नाम सर्वाधिक प्रिय लगा. इसलिए इसी नाम को आधार बनाकर प्राकृत, संस्कृत एवं अपभ्रंश में काव्यग्रन्थों की रचना की गई.   आगे...

पउमचरिउ (पद्मचरित) (अपभ्रंश, हिन्दी) भाग 2

महाकवि स्वयम्भू

मूल्य: Rs. 50

राम का एक नाम पद्म भी था. जैन कृतिकारों को यही नाम सर्वाधिक प्रिय लगा. इसलिए इसी नाम को आधार बनाकर प्राकृत, संस्कृत एवं अपभ्रंश में काव्यग्रन्थों की रचना की गई.   आगे...

पउमचरिउ (पद्मचरित) (अपभ्रंश, हिन्दी) भाग 1

महाकवि स्वयम्भू

मूल्य: Rs. 25

राम का एक नाम पद्म भी था. जैन कृतिकारों को यही नाम सर्वाधिक प्रिय लगा. इसलिए इसी नाम को आधार बनाकर प्राकृत, संस्कृत एवं अपभ्रंश में काव्यग्रन्थों की रचना की गई.   आगे...

मंगलमन्त्र णमोकार : एक अनुचिन्तन

नेमिचन्द्र शास्त्री

मूल्य: Rs. 60

णमोकार महामन्त्र की गरिमा सर्वविदित है. इसके उच्चारण की भी महिमा है. साथ ही यह आराधना, साधना और अनुभूति का विषय है....   आगे...

प्रद्युम्नचरित (संस्कृत हिन्दी)

आचार्य महासेन

मूल्य: Rs. 200

श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के पुत्र प्रद्युम्न का प्रसिद्ध पौराणिक चरित्र जैन परम्परा में भी उतना ही समादृत है जितना वैदिक परम्परा में.   आगे...

जैन शिलालेख संग्रह

हीरालाल जैन

मूल्य: Rs. 235

जैन शिलालेख संग्रह में पहली बार देवनागरी में पाँच सौ शिलालेख हिन्दी-सार के साथ संगृहित हैं.   आगे...

 

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